किसान का संघर्ष ।।  Motivational Story in Hindi

एक समय की बात है बारिश का मौसम था सब बच्चे खेल रहे थे और राम दादा अपने आश्रम मे एक पेड़ के नीचे बैठे थे , अचानक राम दादा ने सभी बच्चो को बुलाया और कहा बच्चो आज मे तुम्हे एक कहानी सुनता हू , सभी बच्चे बहुत उत्साहित हो गये और राम दादा के पास आकर बैठ गये,
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Kisaan ka sangharsh
फिर राम दादा ने कहा बहुत समय पहले की बात है एक गाँव मे एक किसान रहता था वो अपने खेत मे बहुत मेहनत करता था पर इतनी फसल नही होती थी क्योंकि कभी बारिश बढ़ जाती थी तो कभी ओले पड़ते थे तो कभी सूखा पड़ जाता था इसीलिए जितनी वो चाहता उतनी फसल नही हो पाती थी,

एक दिन जब वो अपने खेत मे जा रहा था तो ये सारी बाते सोचकर उसे अपने आप पर और भगवान पर गुस्सा आने लगा की मे इतनी मेहनत करता हू अगर भगवान तो खेती बाड़ी आती तो ये सब नही होता ,

फिर उसने उपर आसमान मे भगवान की और देखा और ज़ोर से चिल्लाया की भगवान तुझे खेती बाड़ी आती हैं की नही, कही बारिश का कुछ ठिकाना नही , ओले गिरते है , बाढ़ आती है तो कभी सूखा हो जाता है

किसान का संघर्ष ।।  Motivational Story in Hindi

एक साल जैसा मे कहु वैसा कर फिर देख मे फसल का ढेर लगा दूँगा , फिर भगवान ने जवाब दिया ठीक है इस साल जैसा तू बोलेगा उतनी ही बारिश और धूप गिरेगी,
फिर उस किसान ने गेहू की फसल बॉई जितनी ज़रूरत थी उतना पानी बरसा , फिर जब जितनी धूप की ज़रूरत थी उतनी धूप , इस साल ना तेज़ धूप गिरी ना ज़्यादा बारिश हुई,
किसान के खेत मे एसी गेंहू की फसल लगी जैसी आज तक कभी नही हुई थी, फिर आख़िर वो दिन आ ही गया जब फसल को काटनी थी

जैसे फसल काटने के लिए किसान खेत मे गया तो फसल को देखकर वो अपने सर पर हाथ रखकर बैठ गया , क्योंकि एक भी बलि मे गेहू नही लगा था,

फिर उसने भगवान की और देखा और बोला ये क्या मज़ाक है..?
फिर भगवान ने कहा उसमे तेरी ही तो ग़लती है क्यूंकी इस साल तेरी फसल ने मौसम के साथ कोई संघर्ष ही नही किया किया है , ना तेज़ धूप गिरी और ना तेज़ बारिश हुई , इसीलिए तेरी फसल की बालीया नाज़ुक रह गयी और उसमे कोई गेहू का दाना नही लगा ,

जब कोई पौधा मौसम या परिस्थिति के सामने ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष करता है तभी उसमे बीज पनपता है,
फिर सारी बात किसान को समझ मे आ गयी, और अगले साल से मौसम के हिसाब से फसल करने लगा और उसकी फसल बढ़ने लगी और सुख से जीने लगा,


फिर राम दादा ने बच्चो से कहा ये कहानी सिर्फ़ उस इंसान की नही है हमारे जीवन मे भी ठीक यही नियम काम करता है,

क्यूकी जब भी हमारे जीवन मे कोई समस्या आती है तो हमे लगता है की काश मेरे जीवन मे कोई समस्या ना होती तो मे ना जाने कहा पर पहुच गया होता पर वास्तव मे आप आज जो कुछ भी हो अपनी जीवन मे आई कठिनाई और परेशानी के कारण ही हो , क्यूकी संघर्ष के बिना मानव का विकास संभव ही नही है,

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